Thursday, 10 September 2015


क्या बात है…

माना तकिए पर शांत नींद आराम देती हैं, पर थकने पर दोस्त कन्धा मिल जाए तो क्या बात हैं..

Branded कपड़ो के लिए तो सारे ही compliments देते हैं यहाँ, पर antique कपडे पहनने पर कोई झाप कर चला जाए तो क्या बात हैं..

फिसलकर गिरने पर तो सरे ही सारे ही हसते हैं यहाँ, फिर अकेले में जाकर "लगी तो नहीं कही" कोई पुछले तो क्या बात हैं..

McDonalds में Burger बहत tasty मिलता हैं, पर एक ही burger को तीनो में share करते हुए सड़को पर खाना   क्या बात हैं..

Lover के हाथो में हाथ डालकर घूमना romantic लगता होगा, पर "उसे" उसके groups में photos निकालते हुए बरिक मे देखना क्या  बात हैं..

ज़िन्दगी तो सभी जीते हैं ही यहाँ पर कोई हमारी  तरह इन छोटे छोटे पलो को भी जीए क्या  बात हैं..

माना तकिए पर शांत नींद आराम देती हैं, पर थकने पर दोस्त कन्धा मिल जाए तो क्या बात हैं..

2 comments:

  1. Makkhi ko Udhte hue to sabhi dekhte hai.. Par usi makkhi ko zameen par chalte dekha to kya baat hai.. ;)

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